संघ और चंद्रोदय मंदिर के भक्तों का उद्देश्य भारत को पुनः विश्व के आध्यात्मिक केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित करना है – डॉ. मोहन भागवत जी

वृंदावन, 10 जनवरी 2026।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के वृंदावन चंद्रोदय मंदिर में आगमन पर मंदिर के भक्तों ने पारंपरिक वैदिक विधि के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर विराजमान श्रीश्री राधा वृंदावन चंद्र के दिव्य दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना कर समाज के कल्याण हेतु मंगलकामना की।

चंद्रोदय मंदिर के भक्तों को संबोधित करते हुए मोहन भागवत जी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) के संस्थापकाचार्य अभय चरणारविंद भक्तिवेदांत श्रील प्रभुपाद का संपूर्ण जीवन मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। श्रील प्रभुपाद ने भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों एवं भगवद्गीता के सार्वभौमिक संदेश को विश्वभर में पहुँचाकर मानव समाज को नई दिशा प्रदान की।

सरसंघचालक जी ने अक्षय पात्र फाउण्डेशन द्वारा पोषित विद्यालय के विद्यार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से मध्याह्न भोजन प्रसाद वितरित किया। उन्होंने बच्चों से संवाद करते हुए उन्हें शिक्षा, संस्कार एवं सेवा के महत्व से अवगत कराया तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि संघ एवं चंद्रोदय मंदिर से जुड़े भक्तों का उद्देश्य केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, संस्कारयुक्त शिक्षा, सेवा और सामाजिक समरसता के माध्यम से भारत को पुनः विश्व के आध्यात्मिक केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित करना है।

चंद्रोदय मंदिर के जनसंपर्क प्रमुख भरतर्षभा दास ने बताया कि पूज्य मोहन भागवत जी ने मंदिर में दर्शन के उपरांत श्रील प्रभुपाद के विग्रह पर पुष्पार्चन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। चेयरमैन मधु पंडित दास एवं अध्यक्ष चंचलापति दास द्वारा उन्हें श्रील प्रभुपाद द्वारा रचित भगवद्गीता यथारूप के विभिन्न संस्करणों का अवलोकन कराया गया, जिनमें विभिन्न भाषाओं में प्रकाशित ग्रंथ शामिल थे। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन चंद्रोदय मंदिर के प्रतिरूप का भी अवलोकन किया।

चंचलापति दास ने चंद्रोदय मंदिर की भव्य वास्तुकला, इसकी अद्वितीय संरचना एवं इसके पीछे निहित आध्यात्मिक उद्देश्य के विषय में विस्तृत जानकारी दी। वृंदावन चंद्रोदय मंदिर का उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को विश्व पटल पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करना तथा युवाओं को नैतिकता, सेवा और भक्ति के मार्ग पर प्रेरित करना है।

इस अवसर पर इस्कॉन बैंगलोर के विभिन्न केन्द्रों से आए भक्तगण उपस्थित रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से सुरेश सोनी जी, दिनेश चंद्र जी, डॉ. कृष्ण गोपाल जी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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